अगर पुलिस FIR न लिखे तो क्या करना चाहिए?

पिछले कुछ समय के दौरान ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जब पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों के प्राथमिक सूचना अनुरोध अर्थात FIR दाखिल करने से इनकार कर दिया है और वे इसके लिए कई कारणों का हवाला देते हैं, जो वास्तव में कई बार संदेहास्पद भी होते हैं. लेकिन आम नागरिक FIR दर्ज कराने से संबंधित अपने अधिकारों की सही जानकारी के अभाव में मन मसोसकर रह जाते हैं और बिना FIR दर्ज कराए ही वापस आ जाते हैं. अतः आम नागरिकों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से इस लेख में हम पुलिस द्वारा FIR न लिखे जाने पर आम नागरिकों द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकरी दे रहे हैं.
अपराध के प्रकार
पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने के विभिन्न कारण हो सकते हैं. भारतीय कानून के अनुसार, विभिन्न अपराधों को दो प्रारंभिक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है – संज्ञेय और गैर-संज्ञेय अपराध. केवल संज्ञेय अपराधों के मामलों में ही एफआईआर दर्ज किया जा सकता है, जबकि गैर-संज्ञेय अपराधों के मामले में पुलिस अधिकारियों को मैजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित किया जाता है कि वे विशेष कार्रवाई करें.
संज्ञेय अपराधों की श्रेणी में शामिल कुछ महत्वपूर्ण अपराधों में बलात्कार, दंगे, डकैती या लूट और हत्या प्रमुख हैं, जबकि गैर-संज्ञेय अपराधों में जालसाजी, सार्वजनिक उपद्रव और धोखाधड़ीशामिल है, जिसमें पुलिस को किसी व्यक्ति या समूह को वारंट के बिना गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है.

अगर पुलिस FIR न लिखे तो क्या करना चाहिए?
यदि आपको कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जहां एक पुलिस अधिकारी या पुलिस स्टेशन ने अनुचित आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार किया है, तो आपको निम्नलिखित कदम उठाना चाहिए-
1. संज्ञेय अपराध होने पर भी यदि पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है तो आपको वरिष्ठ अधिकारी के पास जाना चाहिए और लिखित शिकायत दर्ज करवाना चाहिए.
2. अगर तब भी रिपोर्ट दर्ज न हो, तो CRPC (क्रिमिनल प्रोसीजर कोड) के सेक्शन 156(3) के तहत मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देनी चाहिए. मैट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट के पास यह शक्ति है कि वह FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेश दे सकता है.
3. सुप्रीम कोर्ट ने प्रावधान किया है कि FIR दर्ज न होने पर धारा 482के तहत हाईकोर्ट में अपील करने के बजाय मैट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की अदालत में जाना चाहिए. इसके बाद बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने सेक्शन 156(3) के तहत FIR दर्ज करवाई है. हालांकि इस FIR की जांच भी वही पुलिस करती है, जो इसे दर्ज ही नहीं कर रही थी. पुलिस के मुताबिक, इस सेक्शन के तहत बहुत सी फर्जी FIR दर्ज कराई गई है.
4. सर्वोच्च न्यायालय ने प्राथमिकी अर्थात FIR दर्ज नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं. न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि FIR दर्ज होने के एक सप्ताह के अंदर प्राथमिक जांच पूरी की जानी चाहिए. इस जांच का मकसद मामले की पड़ताल कर अपराध की गंभीरता को जांचना है. इस तरह पुलिस इसलिए मामला दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकती है कि शिकायत की सच्चाई पर उन्हें संदेह है.

Categories: ज्ञान की बात

203 Comments

  1. Whoa! This blog looks just like my old one! It as on a totally different topic but it has pretty much the same layout and design. Excellent choice of colors!

  2. Wow, fantastic blog structure! How long have you been running a blog for? you make running a blog glance easy. The total look of your web site is great, let alone the content!

  3. It’а†s really a nice and helpful piece of info. I am happy that you just shared this helpful info with us. Please keep us up to date like this. Thank you for sharing.

  4. Wow! This could be one particular of the most beneficial blogs We ave ever arrive across on this subject. Actually Fantastic. I am also a specialist in this topic so I can understand your hard work.

  5. It looks to me that this web site doesnt load up in a Motorola Droid. Are other folks getting the same problem? I enjoy this web site and dont want to have to miss it when Im gone from my computer.

  6. Your current article normally possess alot of really up to date info. Where do you come up with this? Just stating you are very resourceful. Thanks again

  7. It as really a nice and useful piece of info. I am glad that you shared this helpful information with us. Please keep us informed like this. Thanks for sharing.

  8. My web searches seem complete.. thank you. Definitely interesting standpoint, thanks for expression.. I enjoy you giving out your point of view.. So happy to get found this article..

  9. So happy to get found this article.. Is not it awesome when you uncover an excellent article? Treasure the entry you made available.. Excellent views you ave got here..

  10. I’а†ve read several excellent stuff here. Certainly value bookmarking for revisiting. I wonder how a lot attempt you put to make this type of magnificent informative site.

Leave A Reply

Your email address will not be published.