आरक्षण विरोधी आंदोलन चलाने वाले सवर्णो को को आगामी विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे sc st OBC समाज के लोग ।

आज पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के संयुक्त तत्वावधान में आगामी रणनीति के सम्बंध में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभिन्न बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित किया जिसमें कई सामाजिक संगठनो के पदाधिकारी उपस्थित हुये । पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि वर्तमान समय में सवर्ण जाति के लोग एक्टरोसिटी ऐक्ट, आरक्षण खत्म करने जैसे मुद्दों को लेकर रोड में उतर रहे हैं, उनके लिए सटीक रास्ता पदाधिकारियों ने निकाला है ।वह ये है कि आरक्षण विरोधी आंदोलन चलाने वाले सवर्ण को आगामी विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे । 16 सितम्बर 2018को जिला स्तर पर 23 सितंबर 2018 को भोपाल में आयोजित विशाल महासभा का आयोजन किया जा रहा हे । प्रत्येक जिलों से अधिक से अधिक संख्या में sc st OBC वर्ग के लोगों को महासभा में शामिल होने के लिए अपील की जा रही हे । संगठन के लोगो ने जानकारी दी की अभी तक सवर्ण समाज के लोग देश में भ्रांति फैलाकर रखा है कि ओबीसी समाज हमारे साथ है,जबकि ओबीसी समाज स्वर्ण के साथ नहीं है । उन्हे भी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण नहीं मिल रहा है और सवर्ण समाज आरक्षण खत्म करवाना चाहते हैं । ये तीनो वर्ग 85 प्रतिशत होते हैं और सिर्फ 15 प्रतिशत सवर्ण समाज के लोगों का समूह आरक्षण खत्म करना चाहते हैं ।

मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन अजाक्स एवं पिछड़ा वर्ग के सबसे बड़े संगठन अपाक्स ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभिन्न बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित किया जिसमें से प्रमुख बिंदु रहा है कि अनुसूचित जाति जनजाति एक्ट एवं आरक्षण का विरोध करने वाले सवर्णों को अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग वोट नहीं करेंगे इस बात को लेकर गांव गांव कस्बों कस्बों में इस बात का प्रचार किया जाएगा साथ ही 23 सितंबर को भोपाल के दशहरा मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया जाएगा जिसमें मध्य प्रदेश के सभी SC ST OBC के संगठन कर्मचारी संगठन युवा संगठन सम्मिलित होंगे और संयुक्त रुप से एक साथ मिलकर निम्न बिंदुओं की मांग सरकार से करेंगे जो कि प्रमुख हैं अनुसूचित जाति जनजाति की तरह पिछड़े वर्ग के लोगों को भी विधानसभा और लोकसभा में 52% सीटें आरक्षित की जाएं साथी मध्य प्रदेश में पिछड़े वर्ग के लोगों को अन्य राज्यों के अनुसार 27% आरक्षण दिया जाए आचार संहिता लगने के पहले SC ST OBC के रिक्त पड़े पदों को तत्काल विशेष अभियान चलाकर भरा जाए अगर दलित पिछड़े और आदिवासी समाज एक हो गया तो कहीं ना कहीं आरक्षण का और एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने वाले स्वर्ण समाज के लोगों को बड़ी भारी मुसीबत हो सकती है क्योंकि भारत में सवर्ण समाज की आबादी मात्र 15 परसेंट है जबकि SC ST OBC अल्पसंख्यक समाज मिलाकर पचासी परसेंट है जो कि अकेले दम पर अपने बहुमत की सरकार बनाने का दम रखता है वर्तमान में स्वर्ण समाज के लोग आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे हैं जिससे आपस में भाईचारा खत्म हो रहा है अभी तक हमारे देश में हिंदू मुस्लिम विवाद चलता था अब कुछ राजनीतिक लो दलित पिछड़े सवर्ण समाज के बीच के आपसी भाईचारा ख़त्म करने का काम कर रहे हे ।

अजाक्स ने पहली बार ओबीसी की खुलकर वकालत की। संघ के महासचिव एसएल सूर्यवंशी जी ने कहा कि पिछड़ों को जनसंख्या के अनुपात में सीधी भर्ती और पदोन्न्ति में 52 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा प्रदेश में दो सौ विधानसभा सीटों पर आरक्षित वर्ग के सर्वाधिक मतदाता हैं। वहां से आरक्षण का विरोध करने वालों को वोट नहीं मिलेंगे।

महासम्मेलन 23 को
संयुक्त मोर्चा 23 सितंबर को राजधानी में महासम्मेलन आयोजित कर रहा है। पहली बार इसमें पिछड़ा वर्ग भी शामिल होगा। सूर्यवंशी ने सम्मेलन में पांच से छह लाख लोगों के आने का दावा किया है। मोर्चा यहीं से अगली रणनीति का एलान करेगा। सूर्यवंशी जी कहते हैं कि संवैधानिक अधिकार लेने का हर संभव प्रयास हर स्तर पर किया जाएगा। महेंद्र सिंह ने आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि पूंजीपतियों के पास धन-दौलत इकट्ठी हो गई, उसके खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने एसटी-एसटी कानून के तहत गलत प्रकरण दर्ज होने को सरकार की नाकामी बताया।

सयुक्त मोर्चा के सभी पदाधिकारियों ने sc st OBC समाज के लोगो से अपील की हे की अधीक से अधिक के लोग 23 सितंबर को भोपाल आये
इंजी.एस. एल.सूर्यवंशी प्रांतीय महासचिव(प्रशासन)एवं समस्त अजाक्स म.प्र.”मान. भुनेश्वर पटेल जी ओबीसमान. महेंद्र सिंह जीओब मान. रामेश्वर कुशवाह जी ओबीसीमान.ललित गौर . लोकेंद्र गुर्जर , मान. राजू बिछोले कार्वाहक प्रदेस अध्यछ नाजी ओबीसी,एससी, एसटी एकता मंच

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