इन दलित युवा नेताओं ने बदल दी दलित राजनीती।

देश में लगातार राजनीतिक घटनाक्रम बदलते जा रहे हैं वर्तमान में जब से भाजपा सरकार केंद्र में आई है लगातार दलित पिछड़ों पर अत्याचार बड़े हैं इन अत्याचारों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में दलित पिछड़ों में युवा नेतृत्व भी उभरा है गुजरात में जिग्नेश मेवानी हार्दिक पटेल जैसे युवा संघर्षशील समाज के लिए संघर्ष करने वाले युवा नेता हो गए हैं वैसे ही देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी चंद्रशेखर आजाद के नाम से एक युवा नेतृत्व दलित समाज में उभरा है चंदशेखर आजाद ने अपनी युवा शक्ति के माध्यम से देश की सरकार को भी हिलाकर रख दिया उसी तरह मध्य प्रदेश में भी जितेंद्र सिंह जाटव के नाम से एक नया नेतृत्व उभरा है जितेंद्र सिंह जाटव मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में दलित पिछड़े आदिवासी युवाओं मैं अपना खासा प्रभाव रखते हैं जितेंद्र सिंह जाटव अपने जीवन के 16 वर्ष की उम्र से लगातार दलित-पिछड़े आदिवासी समाज के हक अधिकारों के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं जितेंद्र सिंह जाटव ने जय भारत न्यूज़ को जानकारी दी की उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के विकास के लिए समर्पित किया है इसीलिए आज तक उन्होंने कोई शासकीय नौकरी नहीं कि वह चाहते हैं कि समाज में सभी वर्गों को समान अवसर मिले समान सुविधाएं मिले इसके लिए वह लगातार संघर्ष करने का काम कर रहे हैं जितेंद्र सिंह जाटव वर्तमान में पी एच डी के अध्यनरत हे और मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग युवा संगठन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष है इस संगठन की संगठन में लगभग प्रदेश में पचास हजार युवा जुड़े हुए हैं जो लगातार संगठन के माध्यम से समाज के लिए संघर्ष करने का काम कर रहे हैं देश में दलितों के नाम से राजनीति करने वाली बहुजन समाज पार्टी से लगातार दलित-पिछड़े युवा वर्ग दूरी बना रहे हैं इसका मुख्य कारण है. कि बहुजन समाज पार्टी में युवाओं के लिए कोई ऐसी शाखा या कार्यकारिणी नहीं है जिसमें युवा वर्ग बचपन से ही पार्टी से जुड़ सकें दूसरी राष्ट्रीय पार्टियों में छात्र विंग युवा संगठन जैसी कार्यकारिणी होने से युवाओं को बचपन से ही पार्टी की विचारधारा से जुड़ जाते हैं अगर देश के राष्ट्रीय दल इन युवाओं को मौका दें तो ये युवा देश की दिशा और दशा बदल सकते हैं युवा नेतृत्व में कुछ करने की ताकत है अगर यह युवा देश के लिए काम करें देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं देश में वर्तमान में राजनीति में कम पढ़े लिखे नेता जाति धर्म का जहर घोल कर देश को बांटने का काम कर रहे हैं आज देश को पढ़े लिखे संघर्षशील नेतृत्व करने वाले युवाओं की सख्त आवश्यकता है अगर ऐसे युवाओं को मौका मिलता है देश की दिशा और दशा बदलने का काम कर सकते हैं

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