कांग्रेस में 2 दर्जन जिलाध्यक्षों को हटाने की तैयारी, अरुण की टीम भी बदलेगी

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की चुनावी जमावट शुरू हो गई है। गुटबाजी में जकड़ी मप्र की कांग्रेस (MPPCC) को राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया (DEEPAK BAVARIYA) अनुशासन का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते रहे परंतु कोई सफलता हासिल नहीं हुई। अब जिलाध्यक्षों से उनकी रिपोर्ट मंगवाई गई है। इसके बाद करीब 2 दर्जन जिलाध्यक्षों को हटा दिया जाएगा। अपनी कार्यकारिणी पर नियंत्रण खो चुके प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव (PRESIDENT ARUN YADAV) भी बावरिया के माध्यम से अपनी टीम में बदलाव करनवाने की कोशिश कर रहे हैं।
दीपक बावरिया ने मप्र कांग्रेस कमेटी से एक रिपोर्ट मांगी है। इसमें उन पदाधिकारियों की जानकारी प्रमुखता से मांगी गई है जो सक्रिय नहीं हैं। 19 जनवरी को यह रिपोर्ट बावरिया के हाथ में होगी। दिल्ली (AICC) पहुंचकर बावरिया इस रिपोर्ट के आधार पर अरुण यादव की टीम में बदलाव करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि यह प्रक्रिया इसी महीने में पूरी हो जाएगी। बता दें कि अरुण यादव अपनी नियुक्ति के बाद लम्बे समय तक कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए थे। आज भी हालात यह हैं कि अरुण यादव के निर्देशों का पालन करने वाले पदाधिकारियों की संख्या काफी कम हैं। पदाधिकारियों तक ने अरुण यादव को अपना नेता नहीं माना है।

बताया जा रहा है कि रायसेन, सीहोर जिलों के अध्यक्ष सहित कई जिला अध्यक्षों ने पद छोड़कर पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है। यह इच्छा वे दोनों करीब एक साल पहले ही जता चुके हैं। वहीं विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक कई जिला अध्यक्षों ने भी जिला अध्यक्ष का पद छोड़ने की इच्छा जताई है। राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने पीसीसी को निर्देश दिए हैं कि वे सभी जिला अध्यक्षों से एक साल के उनके कामकाज की रिपोर्ट लें। यह रिपोर्ट इस माह के अंत तक बावरिया को सौंपी जाना है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला अध्यक्षों के काम-काज का आंकलन किया जाएगा। इसके बाद काम में कमजोर जिला अध्यक्षों की छुट्टी कर दी जाएगी।

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