जमीन के बदले किसी को नौकरी नहीं दी जाएगी केंद्रीय रेल राजयमंत्री।

पन्ना से सतना रेलवे लाइन का भूमि अधिकरण का काम चल रहा है भू अधिकरण के काम के साथ ही भूमाफिया भी बड़े पैमाने पर पन्ना जिले में सक्रिय हो गए पन्ना में भूमाफियाओं द्वारा पटवारियों से सांठगांठ कर उन किसानों की जमीन कम कीमत में खरीद ली जो जमीन रेलवे लाइन में आ रही है उसके बाद पन्ना में यह अफवाह फैलाई गई जिन व्यक्तियों की रेलवे लाइन में जमीन जाएगी उन्हें सरकार द्वारा रेलवे में नौकरी दी जाएगी इन अफवाहों में आकर जिले की भोली-भाली जनता ने जमीन
के टुकड़े खरीदना चालू कर दिया इन भू माफियाओं ने बड़ी ही चालाकी से बिना कॉलोनी नाइजर का लाइसेंस लिए प्लाटिंग का काम किया और 30 से 40 टुकड़ों में बांट कर रजिस्ट्रियां कराई गई भोली भाली जनता ने इस लालच में रजिस्ट्री कराई कि उनकी जमीन रेलवे में आ रही है इसके बदले उन्हें शासकीय नौकरी मिलेगी कुछ लोगों ने जिन के खेत रेल लाइन में आ रहे थे उन्होंने अपने सभी परिवार के सदस्यों के नाम छोटे छोटे प्लाट नाम करा दिए ताकि उनके परिवार के सभी सदस्यों को नौकरी मिल सके इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रियां की गई है कि अगर शासन सब को नौकरी देने में आए तो सारी नौकरियां पन्ना बस में ही पूरी हो जाए।
जमीन की खरीद फरोख्त में उन पटवारियों का विशेष रोल है जो वहा पर पदस्थ हे से रेलवे लाइन गुजर रही है भू माफियाओं ने पटवारियो से सांठगांठ कर बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रियां कराकर नामांतरण का भी काम कराया गया है

इस संबंध में जय भारत न्यूज़ ने भारत के केंद्रीय रेल राजयमंत्री राजन गोहेन से बात की उनका कहना था कि वर्तमान में रेलवे में इस तरह का कोई नियम नहीं है कि हम जमीन के बदले किसी को नौकरी दें जो भी व्यक्ति इस तरह की अफवाह फैलाकर लोगों को जमीन बेच रहे हैं वह गलत है किसी को कोई नौकरी नहीं दी जाएगी।

वहीं इस संबंध में पन्ना के जिला कलेक्टर का कहना है कि बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीदी बिक्री की जा रही है इस पर हमारे द्वारा तत्काल रोक लगा दी गई है साथीही उन लोगों की भी जांच की जाएगी जिनके द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से रजिस्ट्रियां की गई है और ऐसे प्रकरणों के नामांतरण पर भी गंभीरता से जांच की जाएगी जिन लोगों ने शासन के राजस्व को चोरी करने का काम किया है उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी पन्ना में जमीन खरीद फरोख्त का काम पिछले वर्ष 2017 से लगातार चल रहा है लेकिन वर्तमान में बड़े पैमाने पर होने से बात प्रकाश में आई इस तरह से अगर शासन नौकरियां देने लगी तो फिर योग्य और जरूरतमंद लोगों को तो कभी नौकरी मिल ही नहीं पाएगी बड़ी होशियारी से लोगों ने छोटे छोटे टुकड़ों में रजिस्ट्री आगरकर अपने परिवार अपने लोगों के नाम जमीन करा दी इस उम्मीद में की उनके परिवार के लोगों को नौकरी मिलेगी अगर केंद्रीय रेल राज्यमंत्री की बात पर यकीन किया जाए तो ऐसे लोगों को कोई नौकरी नहीं मिलेगी उस स्थिति में इन लोगों को उस जमीन की बदले जो मुआवजा दिया जाएगा शायद उससे जमीन की रजिस्ट्री की फीस भी ना वापस मिल पाए अब देखना यह है कि सरकार इस गोरखधंधे पर किस तरह से कार्यवाही करती है.

Categories: uncategorized

Leave A Reply

Your email address will not be published.