दलित छात्र नम्बर वन, IAS टॉपर के बाद अब IIT टॉपर

राजस्थान के 17 साल के कल्पित वीरवाल ने इतिहास रच दिया है. आईआईटी जेईई के मेन्स में कल्पित ने 360 में से 360 अंक हासिल किए हैं. कल्पित ऐसा करने वाले देश के पहले छात्र हैं.

कल्पित की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि वह दलित स्टूडेंट हैं.

कल्पित ने फ़ोन पर बीबीसी से कहा कि नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास के कारण उन्हें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन्स 2017 में यह कामयाबी मिली.

दिरल्ली की टीना डाबी यूपीएससी की नई टॉप

कल्पित के पिता सरकारी हॉस्पिटल में कंपाउन्डर हैं और मां राजस्थान में उदयपुर के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं.

कल्पित का कहना है कि अब उनका ध्यान जी अडवांस पर है जो अगले महीने होने वाला है.

कल्पित के दलित होने की बात को बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी ने ट्वीट किया, ”जो कहते हैं कि दलितों में मेरिट नहीं है उनके मुंह पर करारा तमाचा है. कल्पित वीरवाल सामान्य और अनुसूचित जाति में टॉप आए हैं.”

श में कभी आईआईटी और सिविल सेवा की परीक्षाओं में सवर्णों के दबदबा रहता था, लेकिन इसमें अब बदलाव साफ़ महसूस किया जा सकता है.

2015 की आईएएस परीक्षा में टीना डाबी टॉप आई थीं. टीना डाबी भी दलित समुदाय से ही हैं. कुछ दिन पहले ही भूषण अहीर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में टॉप आए थे. भूषण भी दलित समुदाय से ही हैं.

Categories: ज्ञान की बात

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