बसपा में केवल बहिन जी का भाई आनंद हे ना झुकने ना बिकने बाला बाकि सब ?

मायावती ने आज लखनऊ में निकाय चुनाव को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक की। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में पार्टी पूरी ताकत से उतर रही है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह से पार्टी प्रत्याशी के साथ लगे। बसपा से जुड़े निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में नहीं रहेंगे। अगर कोई पार्टी के आदेश की अवहेलना करता है तो उसको पार्टी के बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

मायावती ने कहा कि आज मूवमेंट के लिए न झुकने तथा न बिकने वाले नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेतृत्व की कमी के कारण आनंद को जिम्मेदारी सौपी गई। अब आगे की जिम्मेदारी आनंद को सौंपी गई न कि उनके बेटे को। उन्होंने कहा कि इसी कारण बसपा पर परिवारवाद का आरोप लगा कर दुष्प्रचार किया जा रहा है। बसपा अंबेडकर वादी सोच की पार्टी है। यह कभी भी सपा व कांग्रेस की तरह परिवारवादी पार्टी नहीं बन सकती है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके साथ ही आज नगर निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा हर प्रत्याशी अनुशासन और गंभीरता से चुनाव लड़े।

मायावती ने कहा कि आज मूवमेंट के लिए न झुकने तथा न बिकने वाले नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेतृत्व की कमी के कारण आनंद को जिम्मेदारी सौपी गई। उन्होंने कहा कि इसी कारण बसपा पर परिवारवाद का आरोप लगा कर दुष्प्रचार किया जा रहा है। बसपा अंबेडकर वादी सोच की पार्टी है। यह कभी भी सपा व कांग्रेस की तरह परिवारवादी पार्टी नहीं बन सकती है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।

आनंद के विषय में कहा कि पार्टी में ना झुकने वाले ना बिकने वाले नेतृत्व की कमी होने के कारण उन्होंने अपने भाई को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया उनके इस बयान से पार्टी के करोड़ों लाखों युवा मिशनरी कार्यकर्ताओं को बहुत आघात पहुंचा है कुछ जमीनी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमने अपना पूरा जीवन समाज और पार्टी के लिए समर्पित कर दिया क्योंकि हम काशीराम सहाब के बताए रास्ते में चलने का काम करते हैं बहन जी द्वारा इस तरह की बात कही गई वह कहीं ना कहीं यह संदेश देना चाहती हैं कि बहुजन समाज पार्टी में वह और उनके परिवार के लोग उनका भाई भतीजा ही ईमानदार है ना बिकने वाले हैं बाकी पूरा समाज पार्टी के कार्यकर्ता बिकने वाले हैं अगर वह ऐसा नहीं मानती तो पार्टी के बहुत से जमीनी कार्यकर्ता युवा कार्यकर्ता है बहन जी चाहती तो उन्हें भी जवाबदारी दी जा सकती थी लेकिन उन्हें केवल अपने भाई पर ही भरोसा है लेकिन समाज के लोग कार्यकर्ता उनसे जानना चाहते हैं

क्या कोई व्यापारी व्यक्ति अपनी पार्टी के लिए इमानदार हो सकता है बहन जी ने अपने बयान में खुद कहा है कि सरकार उनके भाई को परेशान करती है अनंद पूर्व में एक क्लर्क के पद पर थे और आज वर्तमान में लगभग 14 सौ करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के मालिक हैं क्या सरकार उनसे दबाव डालकर पार्टी विरोधी काम नहीं करा सकती हैं व्यापारी व्यापारी होता है
मुझे वह कांशीराम साहब की बात याद आ गई जब कांशीराम साहब कहा करते थे कि ना मेरे पास कोई घर होगा ना कोई मकान होगा ना मेरे पास किसी प्रकार का कोई बैंक बैलेंस होगा मेरे पास इतनी भी जमीन नहीं होगी जिसमें मेरी कब्र बनाई जा सके ऐसे महापुरुष का मूवमेंट है बसपा साहब की कुर्बानियों की बदौलत ही आज बहुजन समाज पार्टी तीसरी शक्ति के रुप में बन पाई है बहन जी कहि ना कहीं संदेश देना चाहती हैं उनके परिवार के लोग उनका भाई भतीजा ईमानदार है ना बिकने वाले हे बाकी पार्टी के कार्यकर्ता झुकने वाले और बिकने वाले हैं।

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