युवा दलित नेता से डरी मध्यप्रदेश भाजापा सरकार

4 अप्रैल को मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कार्यक्रम था शिवराज सिंह के इस कार्यक्रम में पन्ना के अधिकारी
इतने दबाव में थे कि वह किसी भी तरह से पन्ना में युवाओं की आवाज को मुख्यमंत्री के सामने पहुंचने से रोकने में कोई कसार नहीं छोड़ना चाहते थे
पुलिस ने भय के कारण पन्ना जिले के और मध्य प्रदेश में दलित पिछड़ों की आवाज उठाने वाले युवा नेता जितेंद्र सिंह जाटव कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग युवा संगठन एवं संजय अहिरवार को सुबह 9:00 बजे घर से भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पकड़ कर ले गए और पन्ना जिले के अनुसूचित जाति थाने में बिठा लिया गया शाम 5:00 बजे तक दोनों लोगों को बिठाए रखा गया इसके बाद शाम 5:00 बजे पन्ना एसडीएम थाने में आकर दोनों लोगों पर धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज कर मौके पर जमानत देने की कार्रवाई की गई संबंध में श्री जाटव ने जानकारी दी की पन्ना पुलिस द्वारा पन्ना पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल के द्वारा मुझ पर जबरन इस तरह की कार्रवाई की गई सुबह मेरे घर के अंदर बिना किसी वारंट के पुलिस अंदर आकर मुझे बिना कोई कारण बताए गिरफ्तार कर सुबह 9:00 बजे से 5:00 बजे तक अनुसूचित जाति थाने में बिठाए रखती है और मेरे ऊपर 151 की कार्यवाही की जाती है इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या है युवाओं की आवाज दबाने का काम किया जा रहा है और जो थाने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के हितों अधिकारों की रक्षा करने के लिए बने हैं उसी थाने मैं मेरे अनुसूचित जाति वर्ग से आने के बावजूद भी अनुसूचित जाति थाने में मुझे बिठा कर रखा गया और उसी थाने से मेरे ऊपर 151 की कार्यवाही की गई.
यहां बता दें कि जितेंद्र सिंह जाटव हमेशा दलित पिछड़े पीड़ित समाज के लोगों की आवाज उठाते रहे हैं चाहे वह पहाड़ी खेरा चौकी प्रभारी द्वारा अनिल पटेरिया नाम के व्यक्ति पर आर्म एक्ट का प्रकरण दर्ज करने की घटना रही हो या फिर जसवंतपुरा द्वारी में 12 निर्दोष लोगों पर प्रकरण दर्ज कर एक हफ्ते तक उन्हें जेल में रखने की कार्रवाई हो इन सभी मामलों में जितेन सिंह जाटव ने आकर पीड़ित लोगों की आवाज उठाने का काम किया था पुलिस की इस तरह की कार्यवाही युवाओं की आवाज को दबाने की कोसिस कहि जा सकती हे वहीं दूसरी तरफ उन राजनीतिक लोगों की तरफ भी उंगली उठती है जो विपछ की राजनीति कर रहे हैं आज जीतेन्द्र सिंह जाटव के ऊपर इस तरह की कार्रवाई हो सकती है तो कल विपक्षी नेताओं पर भी कार्यवाही हो सकती है जो शासन प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने का काम कर रहे हैं

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