हैडलाइन

मायावती ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, मायावती डिप्टी स्पीकर से बोलने की परमिशन मांगती रही, मगर उन्हें इजाजत नहीं दी।

बोलने के लिए समय नहीं देने और सत्तापक्ष के व्यधान पहुंचाने पर उग्र हुईं बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मायावती राज्यसभा में बोलने की इजाजत न मिलने से गुस्सा थीं। बोलने की परमिशन न मिलने पर उग्र हुईं मायावती इस्तीफे की धमकी देते हुए सदन से वॉकआउट कर गई थीं।

मुख्य बातें

-मायावती को राज्यसभा में दिया गया था सिर्फ तीन मिनट का समय

सिर्फ जीरो ऑवर में रहती है समय की बाध्यताजीरो ऑवर नहीं होने के बावजूद सत्ता पक्ष के नेताओं ने किया शोरशब्बीरपुर में दलित उत्पीड़न पर बोल रही थीं मायावतीबोलने नहीं दिया गया तो मायावती ने दी थी इस्तीफे की धमक मायावती जब इस्तीफा देने राज्यसभा चेयरमैन के दफ्तर पहुंचीं तो उनके पीछे राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला भी पहुंच गए। उनकी अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा भी मायावती के पीछे दफ्तर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सभी सांसदों ने मायावती को इस्तीफा देने से रोका, मगर वो नहीं मानीं और अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

ये था मामला…
सोमवार को जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, उसके बाद मायावती ने सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया। मायावती लगातार इस मसले पर यूपी की योगी सरकार को घेर रही थीं, मगर चेयरमैन ने उन्हें समय पूरा होने की दलील देते हुए बैठने का आग्रह किया। हालांकि, इसके बाद मायावती लगातार बोलने की परमिशन मांगती रही, मगर डिप्टी स्पीकर ने उन्हें इजाजत नहीं दी।

मायावती ने कहा कि मुझे महज तीन मिनट का वक्त दिया जा रहा है। आखिर इतने महत्वपूर्ण मसले पर मेरी बात क्यों नहीं सुनी जा रही। लानत है ऐसी सदस्यता पर कि जिस समाज से मैं आती हूं उसी की बात सदन में नहीं रख पा रही। मुझे ऐसी सदस्यता नहीं चाहिए। मैं अभी इससे इस्तीफा देती हूं।

सोमवार को जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, उसके बाद मायावती ने सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया। मायावती लगातार इस मसले पर यूपी की योगी सरकार को घेर रही थीं, मगर चेयरमैन ने उन्हें समय पूरा होने की दलील देते हुए बैठने का आग्रह किया। हालांकि, इसके बाद मायावती लगातार बोलने की परमिशन मांगती रही, मगर डिप्टी स्पीकर ने उन्हें इजाजत नहीं दी।

मायावती ने कहा कि मुझे महज तीन मिनट का वक्त दिया जा रहा है। आखिर इतने महत्वपूर्ण मसले पर मेरी बात क्यों नहीं सुनी जा रही। लानत है ऐसी सदस्यता पर कि जिस समाज से मैं आती हूं उसी की बात सदन में नहीं रख पा रही। मुझे ऐसी सदस्यता नहीं चाहिए। मैं अभी इससे इस्तीफा देती हूं।

 मायावती ने उपसभापति से कहा कि ये जीरो ऑवर नहीं है फिर कैसे उनकी बात महज तीन मिनट तक सीमित की जा सकती है। आखिर सहारनपुर में जो कुछ हो रहा है वो सब उन्हें क्यों नहीं बताने दिया जा रहा। सदन से बाहर आकर मायावती ने पत्रकारों से कहा कि जिस सदन में मैं अपने समाज के हित की बात नहीं रख सकतीं उस सदन का सदस्य बने रहना कोई मायने नहीं रखता।

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