हैडलाइन

प्रदेश में देश में कहीं भी समाज के लोगों पर कोई घटना होती है लाखन सिंह बौद्ध पहुंच जाते हे

अनुसूचित जाति जनजाति समाज में बहुत से आर्थिक रूप से सक्षम शारीरिक रूप से सक्षम लोग हैं बहुत से लोग समाज का काम भी करते हैं बहुत से लोग ऐसे हैं जो समाज के नाम पर केवल रोजी-रोटी चलाने का काम कर रहे हैं । लेकिन जिनके हौसले मजबूत होते हैं जो सच में बाबा साहब के अनुयाई हैं भले ही वह आर्थिक तौर पर मजबूत ना हो भले ही शारीरिक रूप से मजबूत ना हो लेकिन उनके हौसले बहुत मजबूत होते हैं वह बाबासाहब के अनुयाई होते हैं।

ऐसा ही एक नाम लेना चाहता हूं आपके सामने लाखन सिंह बौद्ध बहुत से लोग ने उनका नाम सुना होगा और जिन्होंने नहीं सुना है मैं बताता हूं लाखनसिंह बौद्ध उस युक्ति का नाम हे जो कभी पीछे नाही हटता जिसने दोनों पैरों से विकलांग होते हुए भी बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

प्रदेश में देश में कहीं भी कहीं भी समाज के लोगों पर कोई घटना होती है लाखन सिंह बौद्ध पहुंच जाते हे ताजा मामला मुरैना जिले में हुआ जहां पर एक शासकीय जमीन पर बाबा साहब की प्रतिमा को लगाने के नाम पर विवाद हो गया और इस विवाद में गांव के दबंग लोगों ने दलित समाज के लोगों पर फायरिंग कर दी जिसमें किसी को कोई चोट तो नहीं आई पर इस घटना की FIR के लिए S3 के कार्यकर्ता जिसमें S3 के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन सिंह बौद्ध मुरैना जिले सिविल लाइन थाने में FIR की मांग को लेकर आंदोलन किया FIR तो नहीं हुई पुलिस ने दलित समाज के लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया गया और लाठी चार्ज करने के बाद लाखन सिंह बौद्ध और उनके साथी शुगर सिंह जाटव पर पुलिस ने 353., 166 ,332 ,145 ,148, 149 जैसी बड़ी धाराओं पर FIR दर्ज सर लखन सिंह को जेल भेज दिया।

पर पुलिस की इस कारवाही पर सवाल उठता हे की दोनों पैरों से विकलांग आदमी केसे दंगा करा सकता है पुलिस के लोगो के साथ मार पीट कर सकता है पुलिस को इन धाराओं पर एफआईआर दर्ज करने से पहले सोचना चाहिए था लेकिन जब शासन प्रशासन तानाशाह हो जाता है तो एक ही उद्देश होता है किसी भी तरह शासन प्रशासन के खिलाफ उठने वाली आवाज को शांत किया जाए जय भारत न्यूज़ से चर्चा में लाखन सिंह बुद्ध ने कहा की 25 जून को ग्वालियर में S3 के नेतृत्व में बुद्ध धर्म का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था जिस को रोकने के लिए सरकार द्वारा मेरे ऊपर इस तरह के झूठे प्रकरण दर्ज कर 46 दिन मुझे जेल में रखा गया और जमानत भी नहीं दी गई 46 दिन बाद मुझे जमानत दी जाती है जेल में भी मुझे कुछ लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई और मेरी जान को खतरा होने के बावजूद भी मैं समाज के लिए संघर्ष करता रहूंगा मनुष्य का जन्म होना और मरना जरूरी है ऐ मुजे अच्छी तरह पता है कि मुजे मरना है। पर मनुवादी लोगों कि ग़ुलामी कभी नही करूँगा और ना उनसे डरूँगा। मेरा जीवन मेरे बाबा साहब के मिशन के लिए समर्पित है।

लखन सिंह जी का समर्पण और संघर्ष देख कर जय भारत न्यूज़ उनसे और उनके जज्वे को सलाम करता है।

 

Categories: uncategorized

92 Comments

  1. Hi there! Do you know if they make any plugins to assist with Search Engine Optimization? I’m trying
    to get my blog to rank for some targeted keywords but I’m not seeing very
    good results. If you know of any please share.
    Appreciate it!

    Reply
  2. Thanks for your marvelous posting! I truly enjoyed reading
    it, you will be a great author. I will ensure that I bookmark your
    blog and will often come back down the road.

    I want to encourage you continue your great posts, have a nice afternoon!

    Reply

Leave A Reply

Your email address will not be published.