bspबिहार-झारखंड के प्रभारी पूर्व एमएलसी तिलकचन्द्र अहिरवार पार्टी से निष्कासित

विनाश काले विपरीत बुद्धि यह कहावत आप लोगों ने सुनी होगी पर बहुजन समाज पार्टी में चरीतार्थ होती नजर आ रही है यूपी के चुनाव के बाद लगातार बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता जा रहा है मिशनरी पुराने कार्यकर्ताओं को एक-एक कर पार्टी से बाहर निकाला जा रहा है या वह खुद अपमानित होने के कारण पार्टी को छोड़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अपने आप को दलितों की मसीहा कहने वाली कुमारी मायावती जी इस गंभीर विषय पर चुप्पी साधे हुए है।

कभी कुछ दिन पूर्व बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बसपा के कद्दावर नेता और बिहार-झारखंड के प्रभारी पूर्व एमएलसी तिलकचन्द्र अहिरवार को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसकी जानकारी बीएसपी के कानपुर-बुंदेलखंड जोन के कोर्डिनेटर लालाराम अहिरवार ने पत्रकारों से वार्ता करते हुये दी। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुये जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सीट से पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया है।

जालौन के उरई में पार्टी की बैठक करते हुये बीएसपी के कानपुर-बुंदेलखंड जोन के कोर्डिनेटर लालाराम अहिरवार ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिये कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाये। जिससे 2019 में बीएसपी ज्यादा से ज्यादा सीट जीत सके और बहिन जी को पीएम बना सके। बैठक के बाद बीएसपी के कानपुर-बुंदेलखंड जोन के कोर्डिनेटर लालाराम अहिरवार ने पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार-झारखंड के प्रभारी तिलक चन्द्र अहिरवार को पार्टी विरोधी गतिबिधियों के कारण पार्टी से निकाला है। उन्होने बताया कि बसपा सुप्रीमो ने तिलकचन्द्र अहिरवार को बिहार-झारखंड की ज़िम्मेदारी दी थी लेकिन उन्होने इस ज़िम्मेदारी को सही से नहीं निभाया और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिये जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सीट पर अपना दिमाग लगाना शुरू कर दिये थे। साथ ही उन्होने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता धनराशि में बहुत बड़ी हेरा-फेरी की और पार्टी विरोधी क्रियाकलापों में लिप्त हो गये थे जिस कारण उन्हे पार्टी से बाहर कर दिया गया।

इसके अलावा उन्होने बताया कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया सभी समाज के लोगों का ध्यान रखती है इसीलिये पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिये जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सीट से पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया है। उन्होने बताया कि 2019 में बीएसपी मजबूती से अपने कदम रखेगी और जीतकर बहिन जी को पीएम बनाएगी।

बसपा में लगातार कुछ महीनों में पार्टी के सीनियर कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ी है या उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है मायाबती जी के osd रहे गंगाराम अंबेडकर जी ने कहा की पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई परख नहीं है और जिस क्रांति की उम्मीद बहुजन समाज मायावती जी से लगाए बैठा है शायद वह क्रांति होती नजर नहीं आ रही है यूपी चुनाव के बाद मायावती जी ने कहा था कि ईवीएम को लेकर पूरे देश में आंदोलन करेंगे लेकिन एक आंदोलन के बाद दोबारा कोई आंदोलन नहीं कीया गया पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई बेलु नहीं है एक कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली गए थे वहां हमें कार्यालय के अंदर तक जाने नहीं दिया गया हम 1000 किलोमीटर दूर से अपने राष्ट्रीय कार्यालय को देखने गए हमारे साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया गया हमें बाहर से ही भगा दिया गया हम जमीनी कार्यकर्तायो के साथ इतना दुर्व्यवहार पार्टी में वहीं दूसरी तरफ जो दलित युवा दूसरे राज्यों में उभर कर आ रहे हैं उन्हें कहीं न कहीं बहन जी द्वारा बदनाम करने का काम भी किया जा रहा है चाहे आप चंदशेखर का मामला देख लीजिए मायावती जी ने खुद अपने मुंह से कहा कि चंद्रशेखर RSS और BJP का एजेंट है अगर चंद्रशेखर आरएसएस बीजेपी का एजेंट होता तो इस तरह से जेल में सजा काट रहा होता ?

आप लोग खुद समझ सकते हैं दूसरी तरफ जिग्नेश मेवानी जो कि गुजरात से एक दलित चेहरे के रूप में उभरा है बहन जी ने अपने जन्मदिन में उसके बारे में भी कह दिया कि यह व्यक्ति कांग्रेस का एजेंट है दूसरी तरफ भाजापा का खुलकर विरोध करने वाले युवा नेता कन्हैया कुमार के लिए कुछ समय पहले कहा गया है कि इन से सावधान रहें अंबेडकरवादी नहीं ऐसे बयानों से बहिन जी अपना कद छोटा करती है एक कार्यकर्ता ने हमें बताया कि मयाबती जी कभी बहुजन समाज पार्टी के यूपी छोड़ किसी भी प्रदेश कार्यालय में नहीं जाती हे नहीं जाती कभी भी छोटे कार्यकर्ताओं से नहीं मिलती उनके इस व्यवहार के कारण पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है अगर बहिन जी अपने में सुधर नहीं करती है तो पार्टी खत्म हो जाएगी।

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