Deprecated: Function create_function() is deprecated in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-content/plugins/revslider/includes/framework/functions-wordpress.class.php on line 257 Deprecated: Function create_function() is deprecated in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-includes/pomo/translations.php on line 208 Deprecated: Function create_function() is deprecated in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-content/plugins/youtube-channel-gallery/youtube-channel-gallery.php on line 1223 Deprecated: Function create_function() is deprecated in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-includes/pomo/translations.php on line 208 Warning: session_start(): Cannot start session when headers already sent in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-content/plugins/srs-simple-hits-counter/SRS_Simple_Hits_Counter.php on line 18 Deprecated: The each() function is deprecated. This message will be suppressed on further calls in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-content/plugins/js_composer/include/classes/core/class-vc-mapper.php on line 111 Warning: Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-content/plugins/revslider/includes/framework/functions-wordpress.class.php:257) in /customers/6/c/2/jaibharatnews.com/httpd.www/wp-includes/feed-rss2.php on line 8 ज्ञान की बात – Jai Bharat News http://jaibharatnews.com Wed, 07 Nov 2018 10:55:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.5.15 अगर पुलिस FIR न लिखे तो क्या करना चाहिए? http://jaibharatnews.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-fir-%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8-fir-%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0/#comments Sun, 10 Sep 2017 04:25:25 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=1205 पिछले कुछ समय के दौरान ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जब पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों के प्राथमिक सूचना अनुरोध अर्थात FIR दाखिल करने से इनकार कर दिया है और वे इसके लिए कई कारणों का हवाला देते हैं, जो वास्तव में कई बार संदेहास्पद भी होते हैं. लेकिन आम नागरिक FIR दर्ज कराने से संबंधित अपने अधिकारों की सही जानकारी के अभाव में मन मसोसकर रह जाते हैं और बिना FIR दर्ज कराए ही वापस आ जाते हैं. अतः आम नागरिकों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से इस लेख में हम पुलिस द्वारा FIR न लिखे जाने पर आम नागरिकों द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकरी दे रहे हैं.
अपराध के प्रकार
पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने के विभिन्न कारण हो सकते हैं. भारतीय कानून के अनुसार, विभिन्न अपराधों को दो प्रारंभिक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है – संज्ञेय और गैर-संज्ञेय अपराध. केवल संज्ञेय अपराधों के मामलों में ही एफआईआर दर्ज किया जा सकता है, जबकि गैर-संज्ञेय अपराधों के मामले में पुलिस अधिकारियों को मैजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित किया जाता है कि वे विशेष कार्रवाई करें.
संज्ञेय अपराधों की श्रेणी में शामिल कुछ महत्वपूर्ण अपराधों में बलात्कार, दंगे, डकैती या लूट और हत्या प्रमुख हैं, जबकि गैर-संज्ञेय अपराधों में जालसाजी, सार्वजनिक उपद्रव और धोखाधड़ीशामिल है, जिसमें पुलिस को किसी व्यक्ति या समूह को वारंट के बिना गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है.

अगर पुलिस FIR न लिखे तो क्या करना चाहिए?
यदि आपको कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जहां एक पुलिस अधिकारी या पुलिस स्टेशन ने अनुचित आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार किया है, तो आपको निम्नलिखित कदम उठाना चाहिए-
1. संज्ञेय अपराध होने पर भी यदि पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है तो आपको वरिष्ठ अधिकारी के पास जाना चाहिए और लिखित शिकायत दर्ज करवाना चाहिए.
2. अगर तब भी रिपोर्ट दर्ज न हो, तो CRPC (क्रिमिनल प्रोसीजर कोड) के सेक्शन 156(3) के तहत मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देनी चाहिए. मैट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट के पास यह शक्ति है कि वह FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेश दे सकता है.
3. सुप्रीम कोर्ट ने प्रावधान किया है कि FIR दर्ज न होने पर धारा 482के तहत हाईकोर्ट में अपील करने के बजाय मैट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट की अदालत में जाना चाहिए. इसके बाद बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने सेक्शन 156(3) के तहत FIR दर्ज करवाई है. हालांकि इस FIR की जांच भी वही पुलिस करती है, जो इसे दर्ज ही नहीं कर रही थी. पुलिस के मुताबिक, इस सेक्शन के तहत बहुत सी फर्जी FIR दर्ज कराई गई है.
4. सर्वोच्च न्यायालय ने प्राथमिकी अर्थात FIR दर्ज नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं. न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि FIR दर्ज होने के एक सप्ताह के अंदर प्राथमिक जांच पूरी की जानी चाहिए. इस जांच का मकसद मामले की पड़ताल कर अपराध की गंभीरता को जांचना है. इस तरह पुलिस इसलिए मामला दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकती है कि शिकायत की सच्चाई पर उन्हें संदेह है.

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अब भारत की हर डिग्री में होगा फोटो और आधार नंबर http://jaibharatnews.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/#comments Wed, 21 Jun 2017 13:39:28 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=1048 अब छात्रों की डिग्री को भी आधार से जोड़ा जाएगा और इसमें उनकी तस्वीर भी होगी तथा उनके कालेज का नाम भी लिखा होगा। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को यहां विज्ञान इंडिया फाउंडेशन द्वारा लोकनीति एवं शासन में युवकों की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी में छात्रों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। नेहरू संग्रहालय एवं पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी में 25 राज्यों के छात्र उपस्थित थे।

जावड़ेकर ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं सुधार कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय डिजिटल डिग्री डिपोजिट्री के तहत कोई छात्र अपनी डिग्री हासिल कर सकता है और उसमें उस छात्र का आधार नंबर भी होगा तथा उसमें उसकी तस्वीर भी होगी और उसके कालेज का नाम भी होगा ताकि दिल्ली सरकार के एक मंत्री की तरह कोई फर्जी डिग्री हासिल न कर सके। उन्होंने कहा की हमने नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाया है जिसमे 60 लाख पुस्तकें हैं और कोई छात्र मुफ्त में उन किताबों को पढ़ सकता हैं। उन्होंने एटीम की तरह एएलएम की र्चचा करते हुए कहा कि कोई छात्र अब मूक्स प्लेटफार्म के जरिये कभी भी कहीं भी पढ़ सकता है।
अभी 340 कोर्स उपलब्ध हैं और अगले साल दो हजार कोर्स मूक्स पर उपलब्ध होंगे। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अब तक छात्रों के हास्टलों से 600 स्टार्ट अप शुरू किये गए हैं और 15 इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए गए। उन्होंने बताया कि शोध को बढ़ावा देने के लिए देश में पहली बार इं¨पट्र योजना शुरू की गयी और इसके तहत 1500 प्रस्ताव मिले जिनमे 300 प्रस्ताव चुने गए हैं और पीपीपी मॉडल के जरिये 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। (वार्ता)

 

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समाज के जिम्मेदार लोगों से बाबा साहब की एक अपील http://jaibharatnews.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8/#comments Fri, 28 Apr 2017 10:26:26 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=919 समाज के जिम्मेदार लोगों से बाबा साहब की एक अपील बाबा साहब डाँ. अम्बेडकर का ऐतिहासिक भाषण  आगरा, 18 मार्च 1956

जन समूह से

पिछले तीस वर्षों से तुम लोगों को राजनैतिक अधिकार के लिये मै संघर्ष कर रहा हूँ। मैने तुम्हें संसद और राज्यों की विधान सभाओं में सीटों का आरक्षण दिलवाया। मैंने तुम्हारे बच्चों की शिक्षा के लिये उचित प्रावधान करवाये। आज, हम प्रगित कर सकते है। अब यह तुम्हारा कर्त्तव्य है कि शैक्षणिक, आथिर्क और सामाजिक गैर बराबरी को दूर करने हेतु एक जुट होकर इस संघर्ष को जारी रखें। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये तुम्हें हर प्रकार की कुर्बानियों के लिये तैयार रहना होगा, यहाँ तक कि खून बहाने के लिये भी।

नेताओ से

यदि कोई तुम्हें अपने महल में बुलाता है तो स्वेच्छा से जाओ। लेकिन अपनी झौपड़ी में आग लगाकर नहीं। यदि वह राजा किसी दिन आपसे झगड़ता है और आपको अपने महल से बाहर धकेल देता है, उस समय तुम कहां जाओगे? यदि तुम अपने आपको बेचना चाहते हो तो बेचो, लेकिन किसी भी हालत में अपने संगठन को बर्बाद होने की कीमत पर नहीं। मुझे दूसरों से कोई खतरा नहीं है, लेकिन मैं अपने लोगों से ही खतरा महसूस कर रहा हूँ।

भूमिहीन मजदूरों से

मै गाँव में रहने वाले भूमिहीन मजदूरों के लिये काफी चिंतित हूँ। मै उनके लिये ज्यादा कुछ नहीं कर पाया हूँ। मै उनकी दुख तकलीफों को नजरन्दाज नहीं कर पा रहा हूँ। उनकी तबाहियों का मुख्य कारण उनका भूमिहीन होना है। इसलिए वे अत्याचार और अपमान के शिकार होते रहते हैं और वे अपना उत्थान नहीं कर पाते। मै इसके लिये संघर्ष करूंगा। यदि सरकार इस कार्य में कोई बाधा उत्पन्न करती है तो मै इन लोगों का नेतृत्व करूंगा और इनकी वैधानिक लड़ाई लडूँगा। लेकिन किसी भी हालात में भूमिहीन लोगों को जमीन दिलवाले का प्रयास करूंगा।

अपने समर्थकों से

बहुत जल्दी ही मै तथागत बुद्ध के धर्म को अंगीकार कर लूंगा। यह प्रगतिवादी धर्म है। यह समानता, स्वतंत्रता एवं बंधुत्व पर आधारित है। मै इस धर्म को बहुत सालों के प्रयासों के बाद खोज पाया हूँ। अब मै जल्दी ही बुद्धिस्ट बन जाऊंगा। तब एक अछूत के रूप में मै आपके बीच नहीं रह पाऊँगा, लेकिन एक सच्चे बुद्धिस्ट के रूप में तुम लोगों के कल्याण के लिये संघर्ष जारी रखूंगा। मै तुम्हें अपने साथ बुद्धिस्ट बनने के लिये नहीं कहूंगा, क्योंकि मै आपको अंधभक्त नहीं बनाना चाहता परन्तु जिन्हें इस महान धर्म की शरण में आने की तमन्ना है वे बौद्ध धर्म अंगीकार कर सकते है, जिससे वे इस धर्म में दृढ़ विश्वास के साथ रहें और बौद्धाचरण का अनुसरण करें।

बौद्ध भिक्षुओं से

बौद्ध धम्म महान धर्म है। इस धर्म संस्थापक तथागत बुद्ध ने इस धर्म का प्रसार किया और अपनी अच्छाईयों के कारण यह धर्म भारत में दूर-दूर तक गली-कूचों में पहुंच सका। लेकिन महान उत्कर्ष पर पहुंचने के बाद यह धर्म 1213 ई. में भारत से विलुप्त हो गया जिसके कई कारण हो सकते हैं। एक प्रमुख कारण यह भी है की बौद्ध भिक्षु विलासतापूर्ण एवं आरामतलब जिदंगी जीने के आदी हो गय थे। धर्म प्रचार हेतु स्थान-स्थान पर जाने की बजाय उन्होंने विहारों में आराम करना शुरू कर दिया तथा रजबाड़ो की प्रशंसा में पुस्तकें लिखना शुरू कर दिया। अब इस धर्म की पुनर्स्थापना हेतु उन्हें कड़ी मेहनत करनी पडेगी। उन्हें दरवाजे-दरवाजे जाना पडेगा। मुझे समाज में ऐसे बहुत कम भिक्षु दिखाई देते हैं, इसलिये जन साधारण में से अच्छे लोगों को भी इस धर्म प्रसार हेतु आगे आना चाहिये और इनके संस्कारों को ग्रहण करना चाहिये।

शासकीय कर्मचारियों से

हमारे समाज की शिक्षा में कुछ प्रगति हुई है। शिक्षा प्राप्त करके कुछ लोग उच्च पदों पर पहूँच गये हैं परन्तु इन पढ़े लिखे लोगों ने मुझे धोखा दिया है। मैं आशा कर रहा था कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे समाज की सेवा करेंगे, किन्तु मैं देख रहा हूँ कि छोटे और बडे क्लर्कों की एक भीड़ एकत्रित हो गई है, जो अपनी तौदें (पेट) भरने में व्यस्त हैं। मेरा आग्रह है कि जो लोग शासकीय सेवाओं में नियोजित हैं, उनका कर्तव्य है कि वे अपने वेतन का 20 वां भाग (5%) स्वेच्छा से समाज सेवा के कार्य हेतु दें। तभी समग्र समाज प्रगति कर सकेगा अन्यथा केवल चन्द लोगों का ही सुधार होता रहेगा। कोई बालक जब गांव में शिक्षा प्राप्त करने जाता है तो संपूर्ण समाज की आशायें उस पर टिक जाती हैं। एक शिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता  समाज के लिये वरदान साबित हो सकता है।

छात्रों एवं युवाओं से

मेरी छात्रों से अपील है की शिक्षा प्राप्त करने के बाद किसी प्रकार कि क्लर्की करने के बजाय उसे अपने गांव की अथवा आस-पास के लोगों की सेवा करना चाहिये। जिससे अज्ञानता से उत्पन्न शोषण एवं अन्याय को रोका जा सके। आपका उत्थान समाज के उत्थान में ही निहित है। “आज मेरी स्थिति एक बड़े खंभे की तरह है, जो विशाल टेंटों को संभाल रही है। मैं उस समय के लिये चिंतित हूँ कि जब यह खंभा अपनी जगह पर नहीं रहेगा। मेरा स्वास्थ ठीक नहीं रहता है। मैं नहीं जानता, कि मैं कब आप लोगों के बीच से चला जाऊँ। मै किसी एक ऐसे नवयुवक को नहीं ढूंढ पा रहा हूँ, जो इन करोड़ों असहाय और निराश लोगों के हितों की रक्षा करने की जिम्मेदारी ले सके। यदि कोई नौजवान इस जिम्मेदारी को लेने के लिये आगे आता है, तो मैं चैन से मर सकूंगा।”

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दलित छात्र नम्बर वन, IAS टॉपर के बाद अब IIT टॉपर http://jaibharatnews.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%a8-ias-%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%a8-ias-%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/#comments Fri, 28 Apr 2017 10:07:03 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=915 राजस्थान के 17 साल के कल्पित वीरवाल ने इतिहास रच दिया है. आईआईटी जेईई के मेन्स में कल्पित ने 360 में से 360 अंक हासिल किए हैं. कल्पित ऐसा करने वाले देश के पहले छात्र हैं.

कल्पित की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि वह दलित स्टूडेंट हैं.

कल्पित ने फ़ोन पर बीबीसी से कहा कि नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास के कारण उन्हें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन्स 2017 में यह कामयाबी मिली.

दिरल्ली की टीना डाबी यूपीएससी की नई टॉप

कल्पित के पिता सरकारी हॉस्पिटल में कंपाउन्डर हैं और मां राजस्थान में उदयपुर के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं.

कल्पित का कहना है कि अब उनका ध्यान जी अडवांस पर है जो अगले महीने होने वाला है.

कल्पित के दलित होने की बात को बहुजन समाज पार्टी यानी बीएसपी ने ट्वीट किया, ”जो कहते हैं कि दलितों में मेरिट नहीं है उनके मुंह पर करारा तमाचा है. कल्पित वीरवाल सामान्य और अनुसूचित जाति में टॉप आए हैं.”

श में कभी आईआईटी और सिविल सेवा की परीक्षाओं में सवर्णों के दबदबा रहता था, लेकिन इसमें अब बदलाव साफ़ महसूस किया जा सकता है.

2015 की आईएएस परीक्षा में टीना डाबी टॉप आई थीं. टीना डाबी भी दलित समुदाय से ही हैं. कुछ दिन पहले ही भूषण अहीर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में टॉप आए थे. भूषण भी दलित समुदाय से ही हैं.

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घरेलू उपचार से मोटापे से छुटकारा http://jaibharatnews.com/%e0%a4%98%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%82-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9b/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%98%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%82-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9b/#comments Sun, 23 Apr 2017 11:02:42 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=894 क्या आप भी हैं लटकते पेट से परेसान। तो आइए जानिये कैसे अपने लटकते पेट से छुटकारा पाएं और एक फिट खुबसूरत टम्मी पाएं। शरीर पर अधिक चर्बी बढ़ने से पेट बाहर निकल आता है अगर अभी ये काबू ना की तो बाद में एक गंभीर समस्या बन जायेगी मोटापा का प्रमुख कारण काम कम करना और जंग फूड (भोजन) का सेबन करना शामिल है।

अपनी जीवनशैली को सुधार कर, नियमित खाने में वसा कम कर आप आसानी से अपने पेट के आसपास की चर्बी को खत्मक कर सकते हैं। कुछ प्राकृतिक चीजें ऐसी हैं, जिनके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। इसीलिए यदि आप वजन कम करने के लिए बहुत मेहनत नहीं कर पाते हैं तो अपनाएं आगे बताए गए छोटे-छोटे उपाय। ये आपके बढ़ते वजन को कम कर देंगे।

अगर ये आपको इतना अजीब लगता है तो बेडौल शरीर वाले उसे शख्स को खुद कितना बुरा लगता होगा. कई बार ये बेडौल पेट लोगों के बीच इंबैरेसमेंट की वजह भी बन जाता है।

-ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं। -केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाए गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।

-रोज पत्तागोभी का जूस पिएं- पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है। -पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।

-दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें। -छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।

-आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें। कमर एकदम पतली हो जाएगी। -एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।

सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।

-खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेगा।

इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा। -सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।

 

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यह पेड़ है इतना जहरीला, इस पेड़ के सामने किंग कोबरा सांप भी हैं फेल http://jaibharatnews.com/%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a5%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%87/ http://jaibharatnews.com/%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a5%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%87/#comments Sun, 23 Apr 2017 10:10:08 +0000 http://jaibharatnews.com/?p=891 भारत सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ अन्य देशों में पाया जाने वाला सरबेरा ओडोलम पेड़ इतना पोइसोनोस है कि कई बार इसका यूज़ जान लेने के लिए किया जाता है। यह पेड़ दिखने में जितना सुन्दर और आकर्षित है उतरा ही खतरनाक है।

शोधकर्ताओं के अनुसार…

विश्व में अन्य जहरीले पेड के मुकाबले सरबेरा ओडोलम अधिक जहरीला है। सरबेरा ओडोलम के बीज में सरबेरीन नामक तत्व पाया जाता है जो विषैला होता है। इसकी कम मात्रा भी शरीर के अंदर चली जाए तो कुछ मिनटों में ही पेट और सिरदर्द, उल्टियां, अनियमित धडक़न और डायरिया जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यह पेड़ इतना खतरनाक है कि कोबरा और जहरीले सांप भी इसके आगे फेल हैं।

इसे ‘सुसाइड पेड़’ के नाम से जाना जाता है…

दरअसल, इस पेड़ के फल के बारे में लोगों का कहना है कि अगर कोई इसे खा ले तो जांचकर्ताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो जाएगा कि युवक की मौत कैसे हुई? कुछ लोग इसे गलती से खा लेते हैं तो कुछ इसे एक हथियार के रूप में प्रयोग करते हैं। भारत में इसे ‘सुसाइड पेड़’ के नाम से जाना जाता है।

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